iPhone फैक्ट्री में कैसे बनता है? | How is the iPhone factory made

दोस्तों आप सभी लोगो को iphone के बारे में तो पता ही होंगे और कुछ लोग तो iPhone यूज भी करते होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि फैक्ट्री में iPhone कैसे बनाये जाते है अगर नही, तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े, क्युकी आज इस आर्टिकल में फैक्ट्री में iPhone बनने से रिलेटेड पूरी जानकारी देने वाले हैं.

फैक्ट्री में iPhone कैसे बनता है?

ऐप्पल iPhone दूसरे फ़ोन की तुलना में काफी महंगे होते हैं लेकिन इनकी बिल्ड क्वालिटी से लेकर इनकी डिजाईन और टेक्नोलॉजी सभी चीज़े बहुत ही ज्यादा हाई लेवल का होता है, iPhone किसी एक देश में डिजाइन और मैन्युफैक्चर नहीं किया जाता है बल्कि कई सारे देश मिलकर इसे तैयार करते हैं अगर आपने कोई iPhone खरीदा होगा तो आप उसमें देखेंगे ये प्रॉडक्ट जो कैलिफोर्निया में डिजाइन किया गया है लेकिन इसे वहां मैनुफैक्चर नही किया गया है.

किसी फ़ोन को बनाने में तो सबसे अहम चीज़े होती है पहला मैन्युफैक्चरिंग और दूसरा असेंबली.

मैन्युफैक्चरिंग

ये वह प्रोसेस होता है जिसमें iPhone के अंदर डाले जाने वाले कंपोनेंट को बनाया जाता है जैसे – बैटरी, कैमरा, और स्क्रीन इत्यादि जैसी चीज़े.

असेम्बलिंग

इसमें प्रोसेस में जितने भी कंपोनेंट से बने होते हैं उन सभी को आपस में जोड़ दिया जाता है इसके बाद iPhone तैयार होता है.

एप्पल iPhone पहले दुनियाभर से अपने मटेरियल को सर्च करवाता है जहाँ पहले तो एप्पल कंपनी दुनिया की अलग अलग कंपनियों से टाइअप करती है ताकि वो प्रॉडक्ट को मैनुफैक्चर करें और फिर जब मैनुफैक्चर हो जाता है तो उसके बाद असेम्बलिंग के लिए कई सारी कंपनियां तैयार रहती है जो iPhone को बनाती है इसीलिए पूरी दुनिया में 200 से ज्यादा ऐसी कंपनी है जो iPhone के अंदर लगने वाले कंपोनेंट को मैन्युफैक्चर करती है जिसमें स्क्रीन से लेकर मेमोरी, चिप, कैमरा, और हर एक चीज़ अलग अलग तरीके से अलग अलग कंपनियों में मैनुफैक्चर होती है ये सभी कंपोनेंट साउथ कोरिया, चाइना, ताइवान, जर्मनी, जापान, यूनाईटेड स्टेट्स और भारत जैसे देशों में बनकर तैयार होते हैं जहाँ ये सभी सप्लायर मैनुफैक्चर किए गए कंपोनेंट को बहुत बड़ी संख्या में एपल मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी में भेजते है जिससे इन कंपोनेंट की असेंबलिंग की जा सके और जो iPhone की असेंबलिंग होती है वो ज्यादातर ईस्टर्न एंड साउथ ईस्ट एशिया में होती है क्योंकि यहाँ पर लेबर फोर्स बहुत ही ज्यादा कम होता है.

इसका सबसे बड़ा उदाहरण चाइना हैं चाइना में iPhone की सबसे ज्यादा असेम्बलिंग की जाती है क्योंकि चाइना की आबादी ज्यादा होने के कारण यहाँ पर फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों को कम पैसे देने पड़ते हैं और इसी चीज़ का फायदा उठाने के लिए एप्पल आइफोन की ज्यादातर प्रोडक्ट्स चाइना में असेंबल किए जाते हैं वैसे तो इसकी असेंबलिंग साउथ कोरिया और ताइवान जैसे देशों में भी बहुत ज्यादा मात्रा में की जाती है, सिम्पली iPhone मैन्युफैक्चरिंग फसिलिटी दुनिया के कई सारे देशों में देखने को मिलती है लेकिन यह सभी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी केवल दो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का हिस्सा है जिसमें इसे पहला फॉक्सकॉन है और दूसरा Pegatron है ये दोनों कंपनियां iPhone की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर बनने तक का सारा काम देखती है जिससे उसकी डिलिवरी बिलकुल टाइम पर हो सके, लेकिन इन सारी चीज़ो में ये कंपनियां एप्पल कंपनी की क्वालिटी का भी काफी ध्यान रखती है क्योंकि उन्हें पता है कि एप्पल के iPhone की सबसे बड़ी खासियत उसकी क्वालिटी है और सबसे बड़ा प्लांट चाइना के जैंगजोंग में बना है फॉक्सकॉन कंपनी के इस प्लांट में iPhone बनाकर तैयार किये जाते है ये कंपनी 2.2 मिलियन स्क्वायर मील में फैली है इसी कारण से इसे iPhone सिटी के नाम से जाना जाता है.

यहाँ की असेम्बली लाइन बहुत ही बेहतरीन है और इस फैक्टरी में लगभग 3 लाख 50 हजार से भी ज्यादा लोग काम करते है फॉक्सकॉन कंपनी सालों से एप्पल के प्रोडक्ट्स बनाती आ रही है और जितने भी iPhone बनते है उसमें सबसे ज्यादा इसी कंपनी के बनकर तैयार होते हैं इस फैक्टरी के अंदर फ़ोन की फाइनल असेंबली की जाती है और फिर उसकी टेस्टिंग की जाती है और पैकेजिंग का भी काम यहीं पर होता है और यहाँ की मैन्युफैक्चरिंग साइड में 94 प्रोडक्शन लाइन मौजूद है जो की एक बहुत ही बड़ी चीज़ है तभी इस पूरी फैक्टरी में लगभग 5 लाख iPhone बनकर तैयार किये जाते हैं जो की बिलकुल छोटी बात नहीं है

अगर इस हिसाब से देखा जाए तो यहाँ पर 350 आईफोन हर मिनट बनाकर तैयार किये जाते हैं iPhone की असेम्बलिंग यहाँ पर इतनी जल्दी इसलिए होती है क्योंकि एक वर्कर एक ही काम में लगा रहता है मतलब कि कोई अगर फ़ोन के अंदर कैमरा फिट कर रहा है तो उसका यही काम होता है वो लाइन से एक एक फ़ोन के अंदर कैमरा फिट करें और अगर कोई फ़ोन की टेस्टिंग कर रहा है तो उसका यही काम होता है यहाँ पर बहुत बड़ी संख्या में वर्कर्स काम करते हैं जिनकी मजदूरी बहुत ही कम होती है अगर एप्पल कंपनी अमेरिका में किसी काम को करवाएगी तो उन्हें वहाँ के लोगों को ज्यादा पैसे देना पड़ेगा जिस कारण से उनका खर्चा बढ़ जाएगा.

लेकिन चाइना की फॉक्सकॉन कंपनी में लेबर अमेरिका की तुलना में आधे से भी कम दामों में मिल जाते है आईफोन के असेम्बलिंग जैसी पूरी होती है उसकी टेस्टिंग की जाती है और देखा जाता है फ़ोन के अंदर कोई खराबी तो नहीं है और जितने भी सही फ़ोन होते है उन्हें पैकेजिंग के लिए भेज दिया जाता है पैकेट को बड़े बड़े डिब्बों में डाल दिया जाता है और फिर उसे फैक्टरी गेट तक पहुंचाया जाता है जो कि iPhone तैयार होने वाली जगह से कुछ किलोमीटर की दूरी पर होते हैं ताकि अगर कोई भी दुर्घटना वगैरह हो जाती है तो फॉक्सकॉन कंपनी को कोई नुकसान ना हो इसलिए जो गेट होता है वो काफी दूर रखा जाता है जहाँ से इन iPhone को दुनिया भर में मौजूद है पल कंपनी के एफिलियेटेड तक भेजा जाता है जहाँ से प्रॉडक्ट हम खरीदते हैं.

तो दोस्तों उम्मीद करते है कि आपको इस तरह फैक्टरी के अंदर iPhone  मतलब कि एप्पल के फ़ोन कैसे तैयार किये जाते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

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